Vidya sagar nautiyal biography for kids

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल: उत&#;तर&#;ख&#;ड क&#; स&#;ह&#;त&#;य&#;क य&#;द&#;ध&#;

जन&#;म: 29 स&#;त&#;बर,

न&#;धन: 18 फरवर&#;,

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल उत&#;तर&#;ख&#;ड क&#; ऐस&#; स&#;ह&#;त&#;यक&#;र और सम&#;जस&#;व&#; थ&#;, ज&#;न&#;ह&#;&#;न&#; अपन&#; ल&#;खन और र&#;जन&#;त&#;क गत&#;व&#;ध&#;य&#;&#; स&#; न क&#;वल पह&#;ड&#;&#;&#; क&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; क&#; उज&#;गर क&#;य&#;, बल&#;क&#; सम&#;ज क&#; एक नई द&#;श&#; द&#;न&#; क&#; प&#;रय&#;स क&#;य&#;&#; उनक&#; रचन&#;ए&#; सम&#;ज क&#; श&#;ष&#;त वर&#;ग, पह&#;ड&#;&#; ज&#;वन क&#; कठ&#;न&#;इय&#;&#; और स&#;म&#;ज&#;क अन&#;य&#;य क&#; ख&#;ल&#;फ एक सशक&#;त आव&#;ज&#; थ&#;&#;&#;


प&#;र&#;र&#;भ&#;क ज&#;वन और श&#;क&#;ष&#;

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; जन&#;म ट&#;हर&#; गढ&#;व&#;ल क&#; भ&#;ग&#;रथ&#; नद&#; क&#; तट पर स&#;थ&#;त म&#;ल&#;द&#;वल ग&#;&#;व म&#;&#; एक र&#;जग&#;र&#; पर&#;व&#;र म&#;&#; ह&#;आ&#; उनक&#; प&#;त&#; न&#;र&#;यण दत&#;त, ज&#; एक वन अध&#;क&#;र&#; थ&#;, न&#; प&#;र&#;र&#;भ&#;क श&#;क&#;ष&#; घर पर ह&#; द&#;&#;

श&#;क&#;ष&#;:

  • ह&#;ई स&#;क&#;ल: प&#;रत&#;प इ&#;टर क&#;ल&#;ज, ट&#;हर&#;
  • इ&#;टर: ड&#;.ए.व&#;. क&#;ल&#;ज, द&#;हर&#;द&#;न
  • स&#;न&#;तक&#;त&#;तर: क&#;श&#; ह&#;&#;द&#; व&#;श&#;वव&#;द&#;य&#;लय स&#; अ&#;ग&#;र&#;ज&#;&#; स&#;ह&#;त&#;य म&#;&#; एम.ए.

उन&#;ह&#;&#;न&#; अपन&#; पढ&#;&#;ई क&#; स&#;थ-स&#;थ स&#;ह&#;त&#;य म&#;&#; गहर&#; र&#;च&#; ल&#; और म&#;&#; ल&#;खन क&#;र&#;य श&#;र&#; क&#;य&#;&#;


र&#;जन&#;त&#;क ज&#;वन

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; र&#;जन&#;त&#;क ज&#;वन भ&#; उतन&#; ह&#; प&#;र&#;रण&#;द&#;यक ह&#; ज&#;तन&#; उनक&#; स&#;ह&#;त&#;य&#;

  • म&#;&#; ग&#;रफ&#;त&#;र&#;: 13 वर&#;ष क&#; आय&#; म&#;&#; ह&#; उन&#;ह&#;&#; स&#;म&#;त&#; सरक&#;र न&#; ग&#;रफ&#;त&#;र कर ल&#;य&#; और क&#;ल&#;ज स&#; न&#;क&#;ल द&#;य&#; गय&#;&#;
  • उन&#;ह&#;&#;न&#; स&#;वत&#;त&#;रत&#; स&#;ग&#;र&#;म स&#;न&#;न&#; शह&#;द न&#;ग&#;न&#;द&#;र सकल&#;न&#; क&#; स&#;थ क&#;र&#;य क&#;य&#;&#;
  • ऑल इ&#;ड&#;य&#; स&#;ट&#;ड&#;&#;ट&#;स फ&#;डर&#;शन क&#; अध&#;यक&#;ष न&#;र&#;व&#;च&#;त ह&#;ए&#;
  • द&#;वप&#;रय&#;ग क&#;ष&#;त&#;र स&#; उत&#;तर प&#;रद&#;श क&#; व&#;ध&#;न सभ&#; क&#; ल&#;ए कम&#;य&#;न&#;स&#;ट प&#;र&#;ट&#; क&#; सदस&#;य क&#; र&#;प म&#;&#; च&#;न&#; गए&#;
  • उन&#;ह&#;&#;न&#; च&#;पक&#; आ&#;द&#;लन क&#; समर&#;थन क&#;य&#; और मजद&#;र स&#;घ&#;&#; क&#; म&#;ध&#;यम स&#; स&#;म&#;ज&#;क न&#;य&#;य क&#; लड&#;&#;ई लड&#;&#;&#;

स&#;ह&#;त&#;य&#;क य&#;गद&#;न

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; स&#;ह&#;त&#;य पह&#;ड&#;&#; ज&#;वन, स&#;म&#;ज&#;क स&#;घर&#;ष और म&#;नव&#;य स&#;व&#;दन&#;ओ&#; क&#; आईन&#; ह&#;&#; उन&#;ह&#;&#;न&#; अपन&#; ल&#;खन म&#;&#; सरल भ&#;ष&#; और प&#;रभ&#;व&#; कथ&#;नक क&#; उपय&#;ग कर सम&#;ज क&#; समस&#;य&#;ओ&#; क&#; उज&#;गर क&#;य&#;&#;

उपन&#;य&#;स

  1. उलझ&#; र&#;श&#;त&#;
  2. भ&#;म अक&#;ल&#;
  3. स&#;रज सबक&#; ह&#;
  4. उत&#;तर बय&#;&#; ह&#;
  5. झ&#;ण&#;ड स&#; ब&#;छ&#;ड&#;&#;
  6. यम&#;न&#; क&#; ब&#;ग&#; ब&#;ट&#;

कह&#;न&#; स&#;ग&#;रह

  1. ट&#;हर&#; क&#; कह&#;न&#;य&#;&#;
  2. स&#;च&#;च&#; ड&#;र
  3. दस प&#;रत&#;न&#;ध&#; कह&#;न&#;य&#;&#;

    • उमर क&#;द
    • खच&#;चर फगण&#; नह&#;&#; ह&#;त&#;
    • फट ज&#; प&#;चध&#;र
    • स&#;च&#;च&#; ड&#;र
    • भ&#;&#;स क&#; कट&#;य&#;
    • म&#;ट&#; ख&#;य&#;&#; जन&#;वर&#;&#;
    • घ&#;स
    • स&#;न&#;
    • म&#;लज&#;&#;म अज&#;ञ&#;त
    • सन&#;न&#;प&#;त

आत&#;मकथ&#;य

  • म&#;हन ग&#;त&#; ज&#;एग&#;

स&#;म&#;ज&#;क य&#;गद&#;न

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल न&#; क&#;वल स&#;ह&#;त&#;य तक ह&#; स&#;म&#;त न रहकर सम&#;ज क&#; समस&#;य&#;ओ&#; क&#; सम&#;ध&#;न म&#;&#; भ&#; सक&#;र&#;य भ&#;म&#;क&#; न&#;भ&#;ई&#;

  • उन&#;ह&#;&#;न&#; च&#;पक&#; आ&#;द&#;लन क&#; समर&#;थन कर ज&#;गल&#;&#; क&#; स&#;रक&#;षण क&#; लड&#;&#;ई लड&#;&#;&#;
  • मजद&#;र स&#;घ&#;&#; और श&#;रम&#;क आ&#;द&#;लन&#;&#; क&#; म&#;ध&#;यम स&#; सम&#;ज म&#;&#; सम&#;नत&#; और न&#;य&#;य क&#; ल&#;ए स&#;घर&#;ष क&#;य&#;&#;

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; महत&#;व

उनक&#; रचन&#;ए&#; और सम&#;ज क&#; ल&#;ए उनक&#; य&#;गद&#;न उत&#;तर&#;ख&#;ड और ह&#;&#;द&#; स&#;ह&#;त&#;य क&#; ल&#;ए एक प&#;र&#;रण&#; स&#;र&#;त ह&#;&#;&#; उनक&#; कह&#;न&#;य&#;&#; पह&#;ड&#;&#; ज&#;वन क&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; क&#; इतन&#; प&#;र&#;म&#;ण&#;क र&#;प म&#;&#; प&#;रस&#;त&#;त करत&#; ह&#;&#; क&#; व&#; आज भ&#; प&#;र&#;स&#;ग&#;क और प&#;र&#;रण&#;द&#;यक ह&#;&#;&#;

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; स&#;ह&#;त&#;य&#;क और स&#;म&#;ज&#;क य&#;त&#;र&#; यह स&#;द&#;ध करत&#; ह&#; क&#; एक ल&#;खक क&#;वल कल&#;पन&#; तक स&#;म&#;त नह&#;&#; ह&#;त&#;, बल&#;क&#; सम&#;ज क&#; बदलन&#; म&#;&#; भ&#; बड&#;&#; भ&#;म&#;क&#; न&#;भ&#; सकत&#; ह&#;&#;


"व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; स&#;ह&#;त&#;य पह&#;ड&#;&#;&#; क&#; आत&#;म&#; क&#; आव&#;ज&#; ह&#;&#;"

श&#;धम&#;ल&#;: व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; म&#;&#; पह&#;ड&#;&#; ज&#;वन


गढ&#;व&#;ल क&#; यथ&#;र&#;थ क&#; दस&#;त&#;व&#;ज

उनक&#; ल&#;खन&#; म&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; प&#;र&#;क&#;त&#;क स&#;&#;दर&#;य, स&#;&#;स&#;क&#;त&#;क धर&#;हर और र&#;जन&#;त&#;क स&#;घर&#;ष सम&#;ह&#;त ह&#;&#; न&#;ट&#;य&#;ल न&#; अपन&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; म&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; क&#;वल भ&#;ग&#;ल&#;क र&#;प म&#;&#; नह&#;&#;, बल&#;क&#; एक ज&#;त&#;-ज&#;गत&#; सम&#;ज क&#; र&#;प म&#;&#; प&#;रस&#;त&#;त क&#;य&#; ह&#;&#; व&#; पह&#;ड&#; और आदम&#; क&#; आपस&#; स&#;ब&#;ध क&#; इस तरह च&#;त&#;र&#;त करत&#; ह&#;&#; क&#; प&#;ठक इनस&#; ज&#;ड&#;&#;व महस&#;स करत&#; ह&#;&#;


स&#;म&#;त&#; व&#;यवस&#;थ&#; और श&#;षण क&#; व&#;र&#;ध

न&#;ट&#;य&#;ल क&#; स&#;ह&#;त&#;य म&#;&#; स&#;म&#;त&#; व&#;यवस&#;थ&#; और उसस&#; उपज&#; व&#;षमत&#;ओ&#; क&#; ज&#;क&#;र ब&#;र-ब&#;र आत&#; ह&#;&#; उनक&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; म&#;&#; श&#;षण, भ&#;रष&#;ट&#;च&#;र और गर&#;ब जनत&#; क&#; समस&#;य&#;ओ&#; क&#; यथ&#;र&#;थ वर&#;णन म&#;लत&#; ह&#;&#; व&#; स&#;म&#;त&#; अत&#;य&#;च&#;र&#;&#; क&#; ख&#;ल&#;फ एक सशक&#;त आव&#;ज बनकर उभरत&#; ह&#;&#;&#;

स&#;म&#;त&#; श&#;सन द&#;व&#;र&#; उनक&#; पर&#;व&#;र क&#; द&#;ए गए कष&#;ट&#;&#; क&#; ब&#;वज&#;द, न&#;ट&#;य&#;ल न&#; न क&#;वल अपन&#; व&#;यक&#;त&#;गत प&#;ड&#;&#; सहन क&#;, बल&#;क&#; इस&#; सम&#;ज क&#; ल&#;ए एक प&#;र&#;रण&#; क&#; म&#;ध&#;यम बन&#;य&#;&#; उनक&#; स&#;ह&#;त&#;य इन श&#;ष&#;त वर&#;ग&#;&#; क&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; और सपन&#;&#; क&#; शब&#;द द&#;त&#; ह&#;&#;


म&#;ख&#;य उपन&#;य&#;स और उनक&#; व&#;श&#;षत&#;ए&#;

  1. उलझ&#; र&#;श&#;त&#; ()
    यह उनक&#; पहल&#; उपन&#;य&#;स थ&#;, ज&#;सम&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; ग&#;र&#;म&#;ण यथ&#;र&#;थ क&#; ज&#;व&#;त र&#;प स&#; च&#;त&#;र&#;त क&#;य&#; गय&#; ह&#;&#; ह&#;ल&#;&#;क&#; यह उपन&#;य&#;स अब द&#;र&#;लभ ह&#; च&#;क&#; ह&#;, ल&#;क&#;न इसम&#;&#; सम&#;ज म&#;&#; ख&#;ए ह&#;ए व&#;यक&#;त&#;त&#;व&#;&#; और उनक&#; स&#;घर&#;ष क&#; बड&#;&#; गहर&#;ई स&#; द&#;ख&#;य&#; गय&#; ह&#;&#;

  2. भ&#;म अक&#;ल&#; ()
    इसम&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; ग&#;र&#;म&#;ण ज&#;&#;दग&#; और उसक&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; क&#; उक&#;र&#; गय&#; ह&#;&#; उपन&#;य&#;स शह&#;द म&#;ल&#;र&#;म क&#; व&#;धव&#; स&#;रम&#; द&#;व&#; क&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; और स&#;हस क&#; क&#;&#;द&#;र म&#;&#; रखत&#; ह&#;&#;

  3. स&#;रज सबक&#; ह&#; ()
    यह उपन&#;य&#;स म&#;नवत&#;, सम&#;नत&#; और स&#;म&#;त&#; व&#;यवस&#;थ&#; क&#; व&#;र&#;ध पर आध&#;र&#;त ह&#;&#; इसम&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; समस&#;य&#;ओ&#; क&#; सम&#;ध&#;न क&#; प&#;रत&#; ल&#;खक क&#; सक&#;र&#;त&#;मक द&#;ष&#;ट&#;क&#;ण पर&#;लक&#;ष&#;त ह&#;त&#; ह&#;&#;

  4. यम&#;न&#; क&#; ब&#;ग&#; ब&#;ट&#;
    यह ट&#;हर&#; गढ&#;व&#;ल म&#;&#; ह&#;ए जन-व&#;द&#;र&#;ह क&#; सत&#;य घटन&#;ओ&#; पर आध&#;र&#;त उपन&#;य&#;स ह&#;, ज&#; इत&#;ह&#;स और स&#;ह&#;त&#;य क&#; अद&#;भ&#;त स&#;गम प&#;रस&#;त&#;त करत&#; ह&#;&#;

  5. स&#;वर&#;ग दद&#;द&#;! प&#;ण&#;-प&#;ण&#;
    यह उनक&#; अ&#;त&#;म उपन&#;य&#;स थ&#;, ज&#;सम&#;&#; गढ&#;व&#;ल क&#; ग&#;र&#;म&#;ण ज&#;वन क&#; व&#;स&#;त&#;र स&#; वर&#;णन ह&#;&#;


कथ&#; और श&#;ल&#;प

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; म&#;&#; कथ&#;वस&#;त&#; गहर&#; और ज&#;व&#;त ह&#;त&#; ह&#;&#; उनक&#; स&#;व&#;द, वर&#;णन और भ&#;ष&#;-श&#;ल&#; प&#;ठक&#;&#; क&#; गढ&#;व&#;ल क&#; ग&#;&#;व-ग&#;&#;व म&#;&#; ल&#; ज&#;त&#; ह&#;&#;&#; उनक&#; रचन&#;ओ&#; म&#;&#; ग&#;र&#;म&#;ण भ&#;रत क&#; स&#;घर&#;ष&#;&#; और स&#;&#;स&#;क&#;त&#;क तत&#;व&#;&#; क&#; स&#;&#;दर सम&#;य&#;जन ह&#;&#;


न&#;ष&#;कर&#;ष

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; स&#;ह&#;त&#;य न क&#;वल गढ&#;व&#;ल क&#; ज&#;वन क&#; दर&#;श&#;त&#; ह&#;, बल&#;क&#; यह एक ऐस&#; दर&#;पण ह&#;, ज&#; सम&#;ज क&#; हर क&#;न&#; क&#; सच&#;च&#;ई क&#; उज&#;गर करत&#; ह&#;&#; उनक&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; म&#;&#; पह&#;ड&#; क&#; स&#;घर&#;ष, स&#;स&#;क&#;त&#; और मन&#;ष&#;य क&#; स&#;व&#;दन&#;ओ&#; क&#; सज&#;व च&#;त&#;रण ह&#;&#; उनक&#; स&#;ह&#;त&#;य आन&#; व&#;ल&#; प&#;ढ&#;&#;य&#;&#; क&#; ल&#;ए प&#;र&#;रण&#; क&#; स&#;र&#;त बन&#; रह&#;ग&#;&#;


पढ&#;न&#; क&#; स&#;फ&#;र&#;श:

  • "भ&#;म अक&#;ल&#;"
  • "यम&#;न&#; क&#; ब&#;ग&#; ब&#;ट&#;"
  • "स&#;वर&#;ग दद&#;द&#;! प&#;ण&#;-प&#;ण&#;"

व&#;द&#;य&#;स&#;गर न&#;ट&#;य&#;ल क&#; उपन&#;य&#;स&#;&#; क&#; पढ&#;कर गढ&#;व&#;ल क&#; स&#;घर&#;ष और उसक&#; स&#;स&#;क&#;त&#; क&#; कर&#;ब स&#; समझ&#; ज&#; सकत&#; ह&#;&#;

.